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प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने पेंशनरों की 10 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण हेतु सौंपा ज्ञापन



देवास प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने प्रांतीय निकाय के आव्हान पर जिलाध्यक्ष गंगासिंह सोलंकी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में कलेक्टर प्रतिनिधि एवं सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी उनके कार्यालय पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मध्यप्रदेश के पाँच लाख पेंशनरों की लंबित एवं न्यायोचित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि पेंशनरों को केंद्र सरकार और अन्य राज्यों के कर्मचारियों की तरह समान वित्तीय लाभ और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। महंगाई राहत दर में 2 प्रतिशत की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं में अनियमितता और वित्तीय लाभों में देरी से पेंशनरों में असंतोष और निराशा व्याप्त है। अध्यक्ष सोलंकी ने बताया कि सर्वप्रथम समस्त पेंशनर्स मल्हार स्मृति परिसर में एकत्रित हुए, वहां से रैली के रूप में सांसद निवास पहुंचे। वहां से कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर गेट मीटिंग का आयोजन हुआ। जिसमें संस्था संवरक्षक अरविंद पाण्डे, वरिष्ठ पेंशनर्स एसएन सोनी, परामर्शदाता निर्मल तिवारी, महिपाल सिंह, लोकेन्द्र व्यास, समंदरसिंह राजपूत, सचिव श्याम शाह ने मीटिंग को संबोधित कर विभिन्न मांगों को लेकर अपने विचार विमर्श किए। अंत एसो. जिलाध्यक्ष गंगासिंह सोलंकी ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार को संवेदनशील होकर त्वरित निर्णय लेना चाहिए। वित्तीय लाभ और स्वास्थ्य सुविधाएँ वृद्ध पेंशनरों के सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक हैं। एसोसिएशन की मुख्य मांगें है कि मप्र-छत्तीसगढ़ राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को समाप्त कर स्वीकृति की बाध्यता खत्म की जाए। पेंशनरों को महंगाई राहत 53 के स्थान पर 55 प्रतिशत दर से दी जाए। वित्त विधेयक में हुए संशोधनों को निरस्त किया जाए और न्यायालय के निर्णय सभी समान प्रकरणों पर स्वत: लागू हों। विधवा बहू, अविवाहित पुत्री को पेंशन का अधिकार तथा पेंशनरों को 5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा तत्काल लागू की जाए। पेंशनर्स को मरणोपरांत 50,000 अनुग्रह अनुदान दिया जाए। 65 वर्ष से 80 वर्ष की आयु तक पेंशन में क्रमिक वृद्धि लागू की जाए। महंगाई राहत और वेतनमान लाभों में हुए विलंब का एरियर दिया जाए। पेंशन भुगतान आदेश के साथ ही पेंशनर्स और उनकी पत्नियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिले। जिला स्तर के पेंशन कार्यालय बंद करने के निर्णय को वापस लिया जाए, ताकि पेंशन प्रकरणों में देरी न हो। एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से उपरोक्त सभी मांगों पर शीघ्र विचार कर निर्णय लेने का अनुरोध किया है। यदि शीघ्र मांगे पूरी नही होती है तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान  पेंशनर्स उपस्थित थे।

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