
समस्या के निराकरण के लिए डीआरएम रेलवे पश्चिम क्षेत्र रतलाम मंडल के नाम दिया ज्ञापन
समस्या को लेकर अब तक रेलवे के संबंधित उच्च अधिकारी को कई बार कराया जा चुका है अवगत
देवास। रेलवे स्टेशन देवास से लंबी दूरी की मुख्य ट्रेनें बाईपास होकर जा रही है। जिससे कि देवास औद्योगिक नगरी सहित जिले भर के हजारों यात्रियों की फजीहत हो रही है। लंबी दूरी की रेल यात्रियों को मजबूरन आसपास के शहरों में जाकर ट्रेन में बैठना पड़ रहा है। समस्या के निराकरण के लिए नगर जनहित सुरक्षा समिति द्वारा डीआरएल रेल्वे पश्चिम क्षेत्र रतलाम मंडल के नाम स्टेशन स्टेशन प्रबंधक आर एस यादव को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि जिले सहित आसपास के हजारों यात्रियों को वर्ष भर अन्य शहरों जैसे भोपाल, इटारसी, कानपुर, लखनऊ,नागपुर, छतरपुर, इलाहाबाद, लखनऊ गोरखपुर अयोध्या बनारस आदि स्थानों पर आने जाने के लिए पूरे वर्षभर रेल सेवा की आवा जाही रहती है। देवास शहर औद्योगिक जिला के अंतर्गत आता है, जबकि वंदे भारत एवं इंदौर प्रयागराज जैसी मुख्य रेल सुविधाओं से देवास व आसपास के हजारों यात्री वंचित हो रहे हैं। इनका भी स्टापेज़ सप्ताह में एक-दो दिन देवास में होना चाहिए। जबकि केंद्र सरकार की अमृत भारत योजना के तहत देवास रेलवे स्टेशन पर नवीनीकरण के तहत करोड़ों रुपए खर्च के बाद भी यात्रियों की परेशानी कम नहीं हो रही है। लंबी दूरी की गाड़ियों का यहां पर ना आना आश्चर्यजनक माना जा रहा है। लंबी दूरियों की गाड़ी इंदौर से फतेहाबाद होकर जा रही है। समिति ने देवास जिले के हजारों यात्रियों की परेशानी के चलते पूर्व में भी पत्र व्यवहार के माध्यम से संबंधित उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद उत्तर भारत में जाने वाले यात्रियों की समस्या का निराकारण न होना देवास जैसे ओद्योगिक जिले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही इन शहरों में जाने के लिए नई गाड़ी चलाई जाना आवश्यक हो गया है। क्योंकि जो इंदौर से पटना एक्सप्रेस है उसमें भी कई यात्रियों को खड़े रहने तक की भी जगह नहीं मिल पाती। जिससे यात्रियों के समय एवं धन की बर्बादी हो रही है। समिति अनिल सिंह बेस, विनोद सिंह गोड, सुनील सिंह ठाकुर, विजय सिंह तंवर, तकिउद्दीन काजी, सुभाष वर्मा सुरेश रायकवार, अनूप दुबे उमेश राय, सतनारायण यादव ओम प्रकाश पटेल आदि ने जनहित में लंबी दुरी की गाड़ियों की देवास में शीघ्र स्टापेज़ कर व नई गाड़ी शुरू करने की मांग डीआरएम रेलवे पश्चिम क्षेत्र रतलाम मंडल से की है।



