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सेफ क्लिक–2.0 साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ

सेफ क्लिक 2025 की सफलता के पश्चात मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा प्रारंभ किया गया सेफ क्लिक-2026
सेफ क्लिक 2025 के चलते जिले में आई व्यापक जागरूकता, जिले के 710 नागरिकों को मिली 3.60 करोड़ रुपये की साइबर फ्रॉड में खोई हुई राशि,230 डिजिटल अरेस्ट बचाए गए ।- मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान “SAFE CLICK–2.0” का आयोजन दिनांक 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है । अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार (Cyber Hygiene) को बढ़ावा देना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित रिपोर्टिंग के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं तथा आम नागरिक ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, OTP एवं KYC फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी, साइबर बुलिंग एवं अन्य साइबर अपराधों का शिकार हो रहे हैं। इन अपराधों से बचाव हेतु जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है।
इसी उद्देश्य से देवास पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक–2.0” अभियान के अंतर्गत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों, बैंकों, पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा संबंधी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
अभियान के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियाँ
साइबर जागरूकता कार्यशालाएँ एवं सेमिनार
साइबर सुरक्षा शपथ एवं जनजागरूकता रैलियाँ
नुक्कड़ नाटक, साइबर चौपाल एवं ग्राम सभाओं का आयोजन
महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी विशेष जागरूकता कार्यक्रम
सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से जागरूकता प्रसार
साइबर सुरक्षा मैराथन/रन एवं साइबर मेले का आयोजन
साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रक्रिया एवं साइबर सुरक्षा उपायों की जानकारी

देवास- मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी साइबर जागरूकता अभियान “SAFE CLICK–2.0” का आयोजन दिनांक 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है । अभियान का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार (Cyber Hygiene) को बढ़ावा देना तथा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित रिपोर्टिंग के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं तथा आम नागरिक ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, OTP एवं KYC फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी, साइबर बुलिंग एवं अन्य साइबर अपराधों का शिकार हो रहे हैं। इन अपराधों से बचाव हेतु जागरूकता ही सबसे प्रभावी उपाय है।
इसी उद्देश्य से देवास पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक–2.0” अभियान के अंतर्गत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों, बैंकों, पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा संबंधी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
अभियान के अंतर्गत प्रमुख गतिविधियाँ
साइबर जागरूकता कार्यशालाएँ एवं सेमिनार
साइबर सुरक्षा शपथ एवं जनजागरूकता रैलियाँ
नुक्कड़ नाटक, साइबर चौपाल एवं ग्राम सभाओं का आयोजन
महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी विशेष जागरूकता कार्यक्रम
सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स के माध्यम से जागरूकता प्रसार
साइबर सुरक्षा मैराथन/रन एवं साइबर मेले का आयोजन
साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रक्रिया एवं साइबर सुरक्षा उपायों की जानकारी

  • साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in का व्यापक प्रचार-प्रसार
    उल्लेखनीय है कि “सेफ क्लिक 2025” अभियान के दौरान चलाए गए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप जिले के नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति उल्लेखनीय जागरूकता आई। इसके फलस्वरूप साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई । वर्ष 2025 की साइबर शिकायतों की संख्या में लगभग 54 प्रति माह से बढ़कर 150-200 शिकायतें प्रति माह तक वृद्धि हुई। यह इस बात का संकेत है कि नागरिकों ने साइबर ठगी की घटनाओं की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं साइबर पोर्टल पर देना प्रारंभ किया। समय पर प्राप्त शिकायतों पर जिले के प्रशिक्षित साइबर मित्रों एवं साइबर पुलिस दल द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप साइबर फ्रॉड में खोई हुई राशि 3.06 करोड़ रुपये पीड़ितों को पुनः प्राप्त कराया जा सका । साथ ही 230 नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामलों से भी सुरक्षित बचाया गया । इसी तारतम्य में “सेफ क्लिक 2025” की सफलता को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक–2.0” अभियान का पुनः शुभारंभ किया गया है । इस अभियान का उद्देश्य जिले के प्रत्येक नागरिक तक साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाना, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा साइबर ठगी की घटनाओं में त्वरित रिपोर्टिंग और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना है।
    *देवास पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, APK फाईल अथवा ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित संदेश पर बिना सत्यापन विश्वास न करें । किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर-1930 पर संपर्क करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

दिवस विषय गतिविधियाँ
दिवस-1 अभियान का शुभारंभ • सोशल मीडिया पर अभियान का शुभारंभ संदेश प्रसारित करना।• सभी पुलिस थानों, चौकियों, पंचायतों, अस्पतालों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1930 एवं NCRP पोर्टल संबंधी स्टेण्डी एवं बैनर स्थापित करना।• प्रेस वार्ता एवं मीडिया ब्रीफिंग।
दिवस-2 शैक्षणिक संस्थान जागरूकता • स्कूलों, कॉलेजों एवं तकनीकी संस्थानों में कार्यशालाएं।• साइबर सुरक्षा शपथ का आयोजन।• छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा क्विज प्रतियोगिता।• CyberDost, NCRP पोर्टल एवं 1930 हेल्पलाइन का प्रचार।
दिवस-3 बैंकिंग एवं वित्तीय सुरक्षा • बैंकों, एटीएम, डाकघरों एवं सीएससी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम।• डिजिटल अरेस्ट, KYC, OTP, UPI एवं निवेश धोखाधड़ी पर जागरूकता।• पेम्फलेट वितरण।
दिवस-4 महिला एवं बाल सुरक्षा दिवस • महिला महाविद्यालयों, महिला समूहों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम।• साइबर बुलिंग, मॉर्फिंग, सोशल मीडिया सुरक्षा एवं ऑनलाइन शोषण से बचाव विषयक सत्र।• बाल सुरक्षा एवं ऑनलाइन गेमिंग जोखिमों पर जागरूकता।
दिवस-5 साइबर चौपाल • ग्राम पंचायतों में साइबर चौपाल।• सरपंच, सचिव, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता।• साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रक्रिया की जानकारी।
दिवस-6 स्वास्थ्य एवं जनसेवा संस्थान जागरूकता • अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं जनसेवा केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम।• हेल्पलाइन 1930 एवं NCRP पोर्टल का प्रचार।• साइबर सुरक्षा संदेशों का प्रदर्शन।
दिवस-7 नुक्कड़ नाटक एवं जनजागरूकता रैली • प्रमुख बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक।• साइबर सुरक्षा रैली का आयोजन।• साइबर अपराध से बचाव संबंधी संदेशों का प्रसार।
दिवस-8 सोशल मीडिया एवं इंफ्लुएंसर के माध्यम से जागरूकता • स्थानीय सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के माध्यम से वीडियो एवं पॉडकास्ट जारी करना।• साइबर जागरूकता हैशटैग अभियान चलाना।• CyberDost सामग्री साझा करना।
दिवस-9 व्यापारिक प्रतिष्ठान एवं बाजार जागरूकता • पेट्रोल पंप, व्यापारिक प्रतिष्ठान, मंडी, हाट-बाजार एवं दुकानों में जागरूकता गतिविधियां।• QR कोड फ्रॉड एवं ऑनलाइन भुगतान सुरक्षा पर जानकारी।
दिवस-10 धार्मिक एवं सामुदायिक जागरूकता • धार्मिक स्थलों एवं सामुदायिक केंद्रों में साइबर सुरक्षा संदेश।• सार्वजनिक उद्घोषणा एवं पेम्फलेट वितरण।• सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम।
दिवस-11 शासकीय कार्यालय जागरूकता • जिला पंचायत, नगर निकाय, न्यायालय एवं अन्य विभागों में कार्यशालाएं।• सरकारी कर्मचारियों हेतु साइबर हाइजीन एवं डेटा सुरक्षा जागरूकता।
दिवस-12 मुनादी एवं विशेष जागरूकता • कोटवारों के माध्यम से मुनादी।• आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा घर-घर जागरूकता।
दिवस-13 सायबर पोर्टल जागरूकता • संचार साथी/CEIR एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) जागरूकता का प्रचार-प्रसार।• खाता फ्रीज के संबंध में बैंकिंग GRM पोर्टल का प्रचार-प्रसार।
दिवस-14 साइबर सुरक्षा मैराथन / रन • जिला मुख्यालय एवं प्रमुख नगरों में साइबर रन/मैराथन।• युवाओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता।• साइबर सुरक्षा शपथ।
दिवस-15 साइबर मेला एवं प्रदर्शनी • साइबर सुरक्षा प्रदर्शनी का आयोजन।• साइबर अपराधों के प्रकार एवं बचाव उपायों का प्रदर्शन।• प्रश्नोत्तरी एवं प्रतियोगिताएं।

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