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जल ही जीवन है, इसका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी – प्रभारी मंत्री




देवास / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” का समापन एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम सोनकच्छ जनपद पंचायत के ग्राम घिचलाय में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री  जगदीश देवड़ा ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्‍होंने कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना सृष्टि की कल्पना भी असंभव है। उन्‍होंने कहा कि “जब हम जल संकट से जूझते है, तब हम एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते हैं, परंतु जब पानी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होता है, तो अक्सर नल चालू छोड़कर व्यर्थ जल बहाया जाता है। हमें इस मानसिकता को बदलने की सख्त जरूरत है। उन्‍होंने सभी से जल संरक्षण की अपील की। प्रभारी मंत्री श्री देवडा ने इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया। प्रभारी मंत्री श्री देवडा ने “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत ग्राम में बनाये गये तालाब का अवलोकन भी किया।

प्रभारी मंत्री देवड़ा ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने दूरदर्शिता दिखाते हुए जल संरक्षण के लिए तालाब, बावड़ी और कुओं जैसी संरचनाओं का निर्माण किया था। केंद्र और राज्य सरकार इन अमूल्य धरोहरों को सहेजने एवं इनके जीर्णोद्धार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इन पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। उन्‍होंने कहा कि गांवों में तालाबों का होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए बेहद लाभदायक है। इससे कृषि, पशुओं और नागरिकों को पानी की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित होती है। उन्होंने अभियान के अंतर्गत निर्मित किए गए तालाबों के कार्य को बेहद सराहनीय और अनुकरणीय बताया।

प्रभारी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर जोर देते हुए कहा कि सभी नागरिक अभियान से जुड़कर अनिवार्य रूप से पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि सभी संकल्‍प ले कि स्वयं एक पेड़ लगाने के साथ-साथ अन्य नागरिकों को भी इस अभियान के तहत पौधारोपण के लिए प्रेरित करें। उन्‍होंने कहा कि तन, मन, धन सभी से ऊपर वन है। यदि पेड़ होंगे तभी हम सांस ले पाएंगे और जल होगा तभी हम जीवित रह पाएंगे।” उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा ‘हर घर नल से जल’ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम जल संरक्षण के लिए आगे आएं और अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए पानी की एक-एक बूंद को बचाएं।

सोनकच्‍छ विधायक डॉ राजेश सोनकर ने कहा कि जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पानी की एक-एक बूंद को सहेजने और जल स्रोतों के संरक्षण का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय और जनप्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि ‘जल बिन सब सून है’, इसलिए इस सिद्धांत को हमें केवल नारों में नहीं बल्कि अपने जीवन में उतारना होगा। हम सभी को अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के लिए आगे आकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्‍होंने कहा कि केन्‍द्र और राज्‍य सरकार द्वारा हर घर तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। सोनकच्छ विधानसभा के 52 गांवों को नर्मदा परियोजना से जोडा गया है। इन सभी गांवों में नर्मदा का पानी दिया जाएगा। किसान भाइयों के जीवन को खुशहाली में बदलने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास के मूलमंत्र पर चलते हुए हर नागरिक के जीवन को सुगम और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कलेक्‍टर  ऋतुराज सिंह ने कहा कि जिले में पिछले दो महीनों से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत जल संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया गया। जिले में जल संचय को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य हुआ है, अभियान के दौरान हजारों नई जल संरचनाओं का निर्माण और पुरानी संरचनाओं का पुनरुद्धार किया गया है। इसके साथ ही जन कल्‍याण शिविरों का आयोजन कर जिले के 50 हजार से अधिक नागरिकों को विभिन्‍न योजनाओं का लाभ दिया गया।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत अच्‍छा कार्य करने वाली पंचायतों को किया सम्‍मानित

कार्यक्रम में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत अच्‍छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्‍मानित किया गया। जिसमें ग्राम पंचायत घिचलाय, अगेरा, खजुरिया कंका, कुमारा बनवीर, चौबारा जागीर, खेरिया जागीर, चांदाखेडी, जामगोद के सरपंच-सविच को प्रशस्ति पत्र देकर सम्‍मानित किया गया।

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