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41 दिवसीय पंच धूणी तपस्या के 34 दिन पूर्ण, संतोष नाथ महाराज की पंच धूणी एवं खड़ी तपस्या बनी आस्था का केंद्र

देवास। मल्हार क्षेत्र स्थित सद्गुरु योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज धूनी परिसर इन दिनों नाथ संप्रदाय की अद्भुत और दुर्लभ साधना का साक्षी बना हुआ है। नाथ संप्रदाय के हरियाणा के सुल्तानपुर मठ के गादीपति संत बालयोगी संतोष नाथ जी महाराज की 41 दिवसीय पंच धूणी अग्नि एवं खड़ी तपस्या के 22 जून को 34 दिन पूर्ण हो गए। भीषण गर्मी और प्रचंड ताप के बीच जारी यह कठिन साधना श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। शीलनाथ भक्त मंडल के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि हरियाणा के हिसार जिले के सुल्तानपुर स्थित प्राचीन नाथ मठ के गादीपति महंत संतोष नाथ महाराज द्वारा 20 मई से यह विशेष तपस्या की जा रही है। प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक महाराज पंच धूणियों के मध्य खड़े रहकर साधना करते हैं। इतना ही नहीं, शेष समय भी वे निरंतर खड़े रहकर तप में लीन रहते हैं। आगामी 29 जून तक चलने वाली इस कठोर तपस्या के दर्शन के लिए न केवल प्रदेश, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु देवास पहुंच रहे हैं। प्रातःकाल से देर रात्रि तक श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन बना हुआ है। भक्त पंच धूणी अग्नि की परिक्रमा कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। तपस्थली पर शीलनाथ भक्त मंडल एवं अन्य सेवाभावी श्रद्धालु व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहे हैं। तपस्या की पूर्णाहुति 29 जून को महाआरती एवं विशाल भंडारे के साथ होगी। भक्त मंडल ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस दुर्लभ एवं दिव्य तपस्या का दर्शन लाभ लेने की अपील की है।

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